Saturday, June 13, 2026

 



शिव कृपा करो,

शिव आज्ञा दो,
शिवाग्नि प्रवाहित हो,
प्रणाम ॐ
स्कूलों में शिक्षा दी जाती है, विद्या तो माता पिता ही अपने सत्कर्म से दे सकते हैं।
वाहन बनाना, चलाना,हवाई जहाज बनाना, उड़ाना सब कुछ विद्यालयों, विश्वविद्यालयों में सिखाया जा रहा है परंतु जीवन गाड़ी को चलाने वाली आत्मा को पोषित करने के लिए माता पिता ही प्रथम शिक्षक/गुरु हैं और परिवार पहली पाठशाला।
प्रश्न उठता है, आजकल के बच्चे सुनते नहीं?
सही बात है, इस सही बात को सही कैसे किया जाए?
सदी का महासंदेश यही कहता है सत्य से प्रेम, प्रेम से कर्म करें।
प्रसंग प्रणाम से प्रणव तक सत्य की विजय यात्रा में भाग लें।
Look beyond imperfections
Be 'PRASANG' Be Joyous
रेणु वशिष्ठ
मेरी काया मेरी वेधशाला से
Prasang Vashistha Charitable Trust एवं Bakhal Pre School Curriculum Researchers Pvt. Ltd. कटिबद्ध है चरित्र निर्माण से राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देने हेतु।
आप भी सहयात्री बने।

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